पानीपत फिल्म में हनुमान बेनीवाल ने यह क्या कह दिया

आशुतोष और अर्जुन कपूर की पानीपत फिल्म में कुछ भी सही नहीं किया जा रहा है पहले ही उनकी फिल्म टिकट खिड़की पर ही मार झेल रही है
देश के कुछ गलत नियमों का पालन करने पर फिल्म पर रोक लगा दी गई है 6 दिसंबर के बाद ही फिलम पर वाद विवाद में बात चल रही है और फिल्म में भरतपुर के जाट सूरजमल के बारे में कुछ गलत तरीके से दिखाया जा रहा है वह राजासूयम सूरजमल के किरदार को हरियाणा में गलत दिखाया गया है इसलिए फिल्म के इस लिए फिल्म के आने से पहले ही लोग रविवार को सड़क पर उतर आए पानीपत फिल्म पर रोक लगा दिया गया है इसलिए फिल्म को बीच में ही रोकना पड़ रहा है पानीपत फिल्म रोकने की वजह यह है कि मराठा योद्धा शिव बावने राजा सूरजमल से अब गानों को हराने की मांग करते हैं इसलिए मदद के बदले राजा सूरजमल ने आगरे का किला मांग लेते हैं 


 शिव भाव निकिल अा देने से मना कर दिया मराठा सेना वह युद्ध हार जाती है इसमें राजा सूरजमल के वर्क आउट को भी एक अहम वजह बताया गया है जाट के मुताबिक दिल्ली में होते ही राजा सूरजमल के सैनिकों ने लाल किले में लूट मचा दी थी सदाशिवराव ने ऐसा करने से रोका तो साथ ही यह कहा गया कि उनका खर्चा मराठा उठाएगा यह बात जाटों के गले नहीं उतरी क्योंकि यह उनके तरीकों से अलग था सदाशिव भाव को अब्दा क्लीन के खिलाफ युद्ध करने के लिए ₹2000000 की जरूरत थी बहुत ही जोर लगाकर उन्होंने ₹600000 का किया दीवान ई खास में चांदी की एक साथी सदस्यों ने कहा इसे तोड़कर पिघलाकर ₹500000 तो आ ही जाएंगे फिर राजा सूरजमल ने कहा यह इसकी इज्जत है इसे मत तोड़ो इसके बदले राजा सूरजमल ने का ₹500000 मैं दे दूंगा

राजा सूरजमल ने ₹500000 देने का वादा किया लेकिन सदस्यों नहीं माने इसलिए इस फिल्म की फोटो मीडिया पर पहले ही हो चुकी थी अब बात ऑन ग्राउंड तक पहुंच गई थी अब बात बहुत आगे पहुंच गई जाट रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे जाट बोल रहे हैं कि समाज में हमारी इज्जत मिट्टी में मिल जाएगी इस बात से जनता नहीं काफी नेता भी मुद्दा उठा रहे थे और ऐसा दिखाने पर फिल्म पर बैन लगाया जाए अशोक गहलोत ने बताया कि कलाकार को फिल्म बनाने से पहले ही किसी के व्यक्तित्व को सही दिखाया जाए ताकि वाद-विवाद की बात करने हो मेरा यही मानना है कि कलाकार को ऐसी फिल्म नहीं बनानी चाहिए और कलाकार को जाति धर्म का विशेष ध्यान रखना चाहिए भगवान और देवताओं का अपमान नहीं करना चाहिए

हनुमान बेनीवाल ने क्या बोला इसके बारे में
हनुमान बेनीवाल ने कहा कि महाराजा सूरजमल युद्ध में मराठों के साथ है घायल मराठों का इलाज करवाया बहुत समय से भरतपुर के किले में मराठों को सुरक्षित रखा गया और बाद में उनको भेजने की व्यवस्था भी करवाई गई और बेनीवाल ने यह कहा कि और उसमें गलत चित्रण करके जाट समाज ही नहीं पूरे हिंदुओं की बेज्जती की जा रही है तो हनुमान बेनीवाल ने कहा उसी टाइम महाराजा सूरजमल के साथ पृथ्वीराज चौहान जैसे हिंदू साथ में आए थे लड़ाई लड़ने के लिए सबसे आगे पृथ्वीराज चौहान आए थे अब मेरा यह कहना है कि जाति धर्म का वाद विवाद नहीं करना चाहिए और ऐसी फिल्म भी नहीं बनानी चाहिए जिसमें वाद विवाद हो

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